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धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक एच पी जनार्दनन की चर्चा पुरे कोयलाँचल में जारी

धनबाद – धनबाद के वरीय अधीक्षक की चर्चा न पैरवी न परिक्रमा योग्यता के आधार पर सभी पुलिस अधिकारी की हो रही हैँ पोस्टिंग,

निरसा,गोविंदपुर, कतरास समेत लगभग दस जगहों पर नये पुलिस इंस्पेक्टरों की हुई पोस्टिंग

धनबाद के एस एस पी हृदीप पी जनार्दनन आज अपने ईमानदार कार्य और फ़ौरन कार्रवाई को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैँ और प्रतिदिन अपने काम करने के नए तरीकों से जहां अपने विभाग के साथ साथ आम जनता का दिल भी जीतने में कोई कोर कशर नहीं छोड़ रहे हैं,और अपने आलोचकों के मुंह पर ताला भी जड़ते जा रहे हैं।ताज़ा मामला में एसएसपी ने जिले में पहली बार थानेदारों की पोस्टिंग में ऐसा आदेश जारी किया हैँ कि जिस पर एक बार में किसी को यकीन ही नहीं हो सका हैँ पोस्टिंग के लिए न पैरवी न पैसा और न ही परिक्रमा और न कोई प्रतीक्षा।
चुनाव आयोग के निर्देश पर तीन वर्षों से अधिक समय से एक ही जिला में जमे 346 पुलिस इंस्पेक्टर और 2703 अवर निरीक्षकों के ट्रांसफर हुए हैं। हालांकि जितनी जल्दी धनबाद में पुलिस इंस्पेक्टरों को थाना सौंपे गए, वह अपने आप में चर्चा का विषय बन गया है।वहीँ एसएसपी ने नौ इंस्पेक्टरों को विभिन्न थानों व पुलिस सर्किल में पोस्टिंग किया है। इनमें जिले के टॉप व क्रीम पुलिस स्टेशन माने जानेवाले गोविंदपुर, निरसा, कतरास पुलिस स्टेशन भी शामिल हैं। विभाग में अचरज का विषय यह बना हुआ है कि जिन लोगों ने आज तक धनबाद में ठीक से एसएसपी कोठी भी नहीं देखा, उन्हें इतनी जल्दी ‘ इन थानों की थानेदारी कैसे मिल गई।
पोस्टिंग की टेलीफोनिक जानकारी मिलने पर जीटी रोड के थानेदारों को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि उनको जिम्मेवारी मिल गयी है। विभाग के लोग कह रहे हैं कि ऐसा तो लगभग एक डेढ़ दशक पूर्व ईमानदार अफसरों के समय में ही देखने को मिला था। इसके बाद तो परंपरा यह बन गई कि जो एसपी आवास की परिक्रमा करता था,और चार-पांच जगहों से पैरवी पत्र लाता था, उसे ही इन थानों में भेजा जाता था। वर्तमान एसएसपी के इस निर्णय की तारीफ करते उनके आलोचक भी नहीं थक रहे हैं।हालांकि हाल के वर्षों में एसएसपी असीम विक्रांत मिंज के कार्यकाल में भी थानों की बोली नहीं लगी थी। उन्हीं के समय 2018 बैच के प्रोबेशनरी इंस्पेक्टरों की लॉटरी मुफ्त में लगी थी। निरसा में सुभाष सिंह और कतरास में रासबिहारी लाल की पोस्टिंग भी बगैर किसी लाल किरी के हुई थी। यह भी चर्चा का विषय बना है कि जो अपनी राजनीतिक पकड़ व अन्य कारणों से बेहतर जगह प्रतिनियुक्ति को लेकर पहले से विश्वस्त थे, वे अभी एसएसपी के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
ऐसे में विभागीय पदाधिकारी और कर्मी ही उम्मीद जता रहे हैं कि जल्द जिले की पुलिसिंग में नये बदलाव और सुधार देखने को मिलेंगे।वहीँ नई पोस्टिंग में 1994 बैच के पुलिस इंस्पेक्टर रविकातं प्रसाद को गोविंदपुर का थानेदार बनाया गया है।जबकि 2012 बैच के पुलिस इंस्पेक्टर मंजीत कुमार को निरसा थाना प्रभारी व असीत कुमार सिंह को कतरास थाना प्रभारी बनाया गया है। पुलिस इंस्पेक्टर संजय कुमार को तोपचांची का जिम्मा मिला है जबकि रामनारायण ठाकुर को केंदुआडीह थाना का प्रभार और मनोज पांडेय को धनसार थाना का प्रभार एवं प्रमोद पांडेय को साइबर थाना का प्रभारी बनाया गया है। जबकि पुलिस इंस्पेक्टर साजिद हुसैन टुंडी सर्किल इंस्पेक्टर व झारखंड पुलिस एसोसिएशन के महामंत्री अक्षय राम को निरसा सर्किल इंस्पेक्टर की जिम्मेवारी दी गयी है। ये सभी दूसरे जिले से ट्रांसफर होकर धनबाद जिला बल में आये हैं।अभी तक धनबाद से अंत्यत्र तबादला किये गए इंस्पेक्टरों को विरमित नहीं किया गया है। धनबाद जिला बल में आने वाले नए अवर निरीक्षकों के योगदान का इंतजार किया जा रहा है। उम्मीद है आगे इसी ढर्रे पर शेष थानेदारों की भी पोस्टिंग होगी, वहीँ वरीय अधीक्षक के इस कार्य से पुलिस विभाग के साथ साथ धनबाद के पुरे कोयलाँचल में एक चर्चा चल रही हैँ कि इस बार धनबाद की विधि व्यवस्था सही हाथों में आई हैँ,

अरुण कुमार ( मुख्य संपादक )

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Arun Kumar

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