Home » आज मदर्स डे हैँ — माँ अनमोल हैँ “लेखक सह पत्रकार ( अरुण कुमार )
Uncategorized

आज मदर्स डे हैँ — माँ अनमोल हैँ “लेखक सह पत्रकार ( अरुण कुमार )

मई माह के दूसरे रविवार को ही क्यों मनाया जाता है? मदर्स डे और कैसे हुई मदर्स डे की शुरुआत,

बात 20 वीं सदी की है। फिलाडेल्फिया में रहने वाली एक बेटी एना जार्विस ने अपनी स्वर्गवासी मां की याद में जो किया, उससे इस दिन की नींव पड़ी। एना की मां ने अपना जीवन महिलाओं के अधिकारों, शिक्षा और गुलामी हटाने की वकालत करते हुए बिताया था। 1905 में उनकी मृत्यु के बाद, एना ने उनकी विरासत को आगे बढ़ाने और उन्हें श्रद्धांजलि देने का फैसला किया।और 12 मई 1907 को, एना जार्विस ने वेस्ट वर्जीनिया के ग्राफ्टन के चर्च में अपनी मां की याद में ग्राफ्टन, वेस्ट वर्जीनिया के एक चर्च में एक सभा आयोजित की। पांच साल के भीतर, अमेरिका के लगभग हर राज्य में ये दिन मनाया जाने लगा,फिर 1914 में यूएस प्रेसिडेंट वूड्रो विल्सन ने इसे नेशनल हॉलिडे घोषित कर दिया। मई के सेकंड सन्डे को मदर्स डे के रूप में मनाने के लिए उन्होंने एक उद्घोषणा पर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा मई के दूसरे रविवार को प्राचीन ग्रीक और रोमन परंपरा की वजह से भी इस दिन को चुना गया।जबकि वसंत के त्योहारों के दौरान यहां लोग अपनी मां को उनकी ममता और बलिदान के लिए धन्यवाद देते हैं।
मां के सम्मान में एना का पहला समारोह बहुत सफल रहा। एना ने वहां उपस्थित सभी महिलाओं को अपनी मां का पसंदीदा फूल सफेद कारनेशन दिया। तब से व्हाइट कारनेशन मदर्स डे का प्रतीक बन गया, जो पवित्रता और प्रेम के लिए जाना जाता है।वैसे माँ तो अनमोल हैँ और कोई भी उनका मोल जीवन भर नहीं चूका सकता हैँ

मुख्य संपादक ( अरुण कुमार )

About the author

Arun Kumar

Add Comment

Click here to post a comment