धनबाद के ईस्ट बसुरिया में एक कलयुगी दामाद ने अंधविश्वास के चक्कर में पड़कर अपने मृत ससुर के शव को अपने ही आंगन के बीचो बीच में दफनाया,
धनबाद के ईस्ट बसुरिया में अंधविश्वास के चक्कर में पड़कर एक कलयुगी दामाद ने अपने मृत ससुर के शव को अपने ही घर के आंगन में दफना दिया, वहीँ प्राप्त जानकारी के अनुसार ईस्ट बसुरिया ओपी क्षेत्र के अंतर्गत एक नंबर निछानी के रहने वाले मुन्ना अंसारी अपने ससुर असगर अली के मृत शरीर को निचितपुर टाउनशिप से लाकर अपने घर के आंगन में कब्र खोद कर दफना दिया. वहीँ घटना की जानकारी के पश्चात आसपास के लोगों ने इसका विरोध किया.और घटना की सूचना ईस्ट बसुरिया पुलिस को दी उसी समय बाघमारा के अंचला अधिकारी किसी मामले की जांच को लेकर ईस्ट बसुरिया ओपी पहुंचे हुए थे. पुलिस ने पुरे मामले की जानकारी अंचल अधिकारी को दिया तत्पश्चात अंचला अधिकारी ईस्ट बसुरिया प्रभारी उपेंद्र कुमार के साथ स्वयं निछानी पहुंचे. जबकि सुचना मिलने पर जिला परिषद सदस्य इसराफिल उर्फ लाला, मुखिया भीमलाल रजक भी घटना स्थल पर पहुंचे.और पुलिस एवं जनप्रतिनिधियों ने जब मुन्ना अंसारी से जानकारी ली तो मुन्ना अंसारी अपने ससुर की स्वाभाविक मौत बातकर कई प्रकार के धार्मिक उपदेश का गुणगान करने लगा.और वह अपने काम को सही बताने पर अमादा था और अपने ससुर की कब्र के ऊपर मजार बनाने की बात कहने लगा.सूत्रों से मिली खबर के अनुसार मृतक असगर अली झाड़-फूंक का काम करता था. वहीँ काफी समझाने के बाद मुन्ना अंसारी ससुर के शव को कब्रिस्तान में दफनाने पर राजी हुआ और प्रशासन की निगरानी में शव को कब्र से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई. इसके बाद मुस्लिम रीति-रिवाज से उसे कब्रिस्तान में दफनाया जायेगा, बहरहाल मामला जो भी रहा हो किन्तु यहाँ तो एक बात साफ हो जाती है कि आज भी इस 21 वी सदी में अंधविश्वास का असुर जीवित है और इसी अंधविश्वास के चक्कर में पड़कर ना जाने कितने घर बर्बाद हो रहे है और होते रहेंगे इसे अब भी नहीं रोका गया तो यह अंध्विश्वास का कीड़ा समाज को और भी खोखला करता रहेगा,
अरुण कुमार ( मुख्य संपादक )












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