

झारखण्ड- धनबाद में कांग्रेसियों ने न केवल पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया हैँ बल्कि कांग्रेस के नए प्रदेश प्रभारी के राजू को भी एक तरह से चुनौती दे डाली है,और उन्हें अप्रत्यक्ष सन्देश दे दिया है कि आप कुछ भी कर लीजिये ,हम कभी भी नहीं सुधरेंगे. झारखंड में कांग्रेस अनुशासन की राह पकड़ने की कोशिश कर ही रही थी तभी बुधवार को धनबाद में कांग्रेस के लोगो ने प्रदेश के इस प्रयास को अंगूठा दिखाने की भरसक कोशिश की, बुधवार को के राजू प्रखंड से लेकर बूथ स्तर तक के लोगों से संगठन को मजबूत करने को लेकर रांची में उपाय बता रहे थे तो इधर, धनबाद में कांग्रेसी सड़क पर “गुंडागर्दी” कर रहे थे, सवाल उठाया जा रहा है कि कांग्रेसी “गुंडागर्दी” करने के लिए रणधीर वर्मा चौक को ही क्यों चुना? पत्रकारों को क्यों टारगेट किया? क्या यह उनकी सोची समझी योजना थी कि ऐसा करेंगे तो उन्हें अधिक पब्लिसिटी मिलेगी, और वह दबंग कहलाने लगेंगे, लेकिन यह घटना अब उन पर ही भारी पड़ती दिख रही है, धनबाद के पत्रकारों ने अपने ऊपर हुए हमले को चुनौती के रूप में लिया है और क्रमवार आंदोलन की घोषणा कर दी है, पत्रकारों ने गुरुवार को धनबाद थाने में राशिद राजा अंसारी के पुत्रो सहित अन्य के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है,
पत्रकारों ने काला बिल्ला लगाकर धरना प्रदर्शन किया
काला बिल्ला लगाकर धरना दिया, बैठक की, निर्णय हुआ कि पत्रकार क्रमवार आंदोलन शुरू करेंगे, हालांकि गिरफ्तारी के लिए पुलिस को पत्रकारों ने 24 घंटे का समय दिया है, पत्रकारों का यह भी कहना है कि बीच सड़क पर जिस तरह नंगा नाच किया गया, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी अगर पुलिस चाहे तो निकलवा सकती है, पुलिस को तो स्वत संज्ञान लेकर अब तक कार्रवाई कर देनी चाहिए थी , लेकिन ऐसा नहीं हुआ है, पत्रकारों ने अपने ऊपर हुए हमले को लेकर धनबाद जिला कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रसीद राजा अंसारी के खिलाफ पार्टी के प्रदेश और राष्ट्रीय नेताओं को पत्र भी लिखा है, मारपीट करने का आरोप कार्यकारी अध्यक्ष राशिद राजा अंसारी के परिवार पर लगा है , वैसे भी कांग्रेस नेताओं का यह पुराना इतिहास रहा है,
विधानसभा चुनाव के समय भी हुई थी मारपीट
पिछले विधानसभा चुनाव के वक्त भी जिला अध्यक्ष संतोष सिंह के पुत्र पर कांग्रेस नेता वैभव सिन्हा के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था, इस संबंध में मुकदमा भी दर्ज हुआ था लेकिन बाद में समझौता हो गया, फिर एक बार कार्यकारी अध्यक्ष राशिद राजा अंसारी के पुत्रों और उनके परिवार जनों पर मारपीट और हमला करने का आरोप लगा है, इस बार कांग्रेस के लोग पत्रकारों को भी नहीं बख्शा है, बता दे कि धनबाद में कांग्रेसी बुधवार को “तमाशा” बन गए , उनकी दबंगई को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई , फिर भी कांग्रेसी आपस में मारपीट, गाली गलौज करते रहे, मीडियाकर्मियों को निशाना बनाते रहे, वाहन से लाठी -डंडा निकालकर “ताकत” का प्रदर्शन करते रहे, सिर्फ आपस में ही मारपीट नहीं की बल्कि मीडियाकर्मियों के साथ भी गुंडई से पेश आये, एक फोटोग्राफर को रॉड से मारकर लहूलुहान कर दिया, उसका मोबाइल भी छीन लिया, बात इतनी ही नहीं हुई , धनबाद के प्रेस क्लब परिसर में प्रवेश कर भी मारपीट की, कई मीडियाकर्मियों के मोबाइल छीन लिए गए , हालांकि बाद में मोबाइल वापस कर दिया गया,
धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर हुई थी गुंडागर्दी
धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर गुंडागर्दी का नंगा नाच दिखा, सूचना पर पुलिस भी पहुंची, बुधवार को कांग्रेस नेत्री सोनिया गांधी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ ईडी द्वारा चार्ज शीट के विरोध में कांग्रेसियों ने कंबाइंड बिल्डिंग स्थित आयकर कार्यालय पर धरना दिया था, यह कार्यक्रम पूरे देश में आज चला, वहीं से लौटने के क्रम में रणधीर वर्मा चौक पर कांग्रेसियों का आपसी मनमुटाव सड़क पर आ गया, उसके बाद तो लाठी -डंडा चलने लगे, गाड़ी में रखे रॉड निकाल कर मारपीट की जाने लगी, इस घटना के बाद धनबाद में कांग्रेस के नेताओं की खूब किरकिरी हो रही है, कहा जा रहा है कि फोटोग्राफर फोटो बना रहे थे और कुछ लोग मोबाइल से वीडियो बना रहे थे, यह बात दबंग कांग्रेस के लोगो को ठीक नहीं लगी, उसके बाद मारपीट करने वालों ने मोबाइल छीन ली और फोटो ले रहे फोटोग्राफर के कैमरे को तोड़ दिया और पिटाई भी कर दी अब धनबाद के शासन और प्रशासन इस मामले को स्वतः संज्ञान में त्वरित कार्रवाई करें जिससे की पत्रकारों में जो असुरक्षा की भावना आई हैँ वो दूर हो सके हमारा कोयलाँचल पत्रकार संघ इस मामले की घोर निंदा करता हैँ और आशा करता हैँ कि धनबाद प्रशासन इस मामले में उचित न्याय मीडियाकर्मी को दिलाये,
मुख्य संपादक – अरुण कुमार












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