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अपनी बात —- बच्चों की मनःस्तिथि अपनी कहानी = प्रवीण कुमार ( भागवत ग्रुप कारपोरेशन )

अपनी बात ———-==बच्चों की मनः स्तिथि —– (प्रवीण कुमार)

हमारी ओर से अपने बच्चों को दी जाने वाली 12 सबसे बेहतरीन विरासतें..जिससे की उनकी मानसिक स्तिथि काफी सुदृढ़ हो सकती हैँ,

1. बुद्धिमत्ता (Wisdom)
बुद्धिमत्ता स्कूलों में नहीं सिखाई जातीहैँ चुकि यह जीवन में किये गए कार्यों व अनुभवों से प्राप्त होती है। जबकि माता-पिता ही सबसे अच्छे शिक्षक होते हैं वे स्वयं अपने बच्चों को मार्गदर्शन दें,और अपने अनुभव उनके साथ साझा करें ताकि वे गलतियों से सीखने की बजाय समझदारी से आगे की ओर बढ़ें।

2. सामाजिक कौशल (Social Skills)
यह जीवन एक रिश्तों का खेल है और आप सब अपने बच्चों को आत्म-संयम, भाईचारे, विपरीत लिंग से व्यवहार, सही संगति को चुनना, मित्रता बनाना और निभाना, संवाद करना आदि सिखाएं। ये कौशल उन्हें जीवनभर काम आएंगे।

3. परिवार के प्रति स्वस्थ दृष्टिकोण (Healthy View of Family)
अगर आप अपने बच्चों के मन में शादी या परिवार के प्रति नकारात्मक सोच भरते हैं, तो उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है। चाहे आप एक जोड़ा हों या अकेले माता-पिता, बच्चों को परिवार के महत्व की समझ दें जिससे की उनका मन से अहम और वहम की सारी बातें निकल जाए ऐसी सोच के तहत कार्य करें

4. अच्छी यादें (Good Memories)
बचपन की यादें या तो जीवन को संबल देती हैं या कष्ट देती हैं।आप सब अपने बच्चों को ऐसा बचपन दें जिसे याद करके उन्हें खुशी मिले। उन्हें यह अनुभव कराएं कि इस दुनिया में अच्छे लोग हैं — जैसे उनके माता-पिता सगे सम्बन्धी और परिवारजन आगे चलकर यही भावना उनके मन में स्थापित हो जाएंगी

5. मानसिक स्वास्थ्य (Sound Mental Health)
बच्चों को भावनात्मक चोट, गाली, उपेक्षा, तुलना और तिरस्कार से दूर रखें। उन्हें प्यार, सम्मान और सुरक्षा दें ताकि वे मानसिक रूप से स्वस्थ और बड़े हों जिससे की उनका जीवन उच्च कोटि की ओर अग्रसर हो सके

6. अच्छा नाम (A Good Name)
ऐसी प्रतिष्ठा बनाएं जिस पर आपके बच्चे गर्व करें। वे गर्व से आपका नाम लें और अगली पीढ़ी को भी उसी नाम से जोड़ें ताकि सामाननंतर चलने वाली जीवन में और कोई उलझन ना आने पाए

7. पहचान (Identity)
अपने बच्चों को उनके वंश, पूर्वजों और पारिवारिक इतिहास के बारे में बताएं। उन्हें यह समझ दें कि वे किस परंपरा और विरासत से जुड़े हैं ताकि आगे चलकर उनका जीवन सादा और संस्कारों से भरा हो

8. आर्थिक संपत्ति (Financial Wealth)
बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए धन की आवश्यकता होगी। उन्हें संपत्ति, धन, शेयर या पारिवारिक व्यवसाय दें, और साथ ही उन्हें धन प्रबंधन भी सिखाएं जिससे की वे लोग धन अर्जन कैसे करे ये सिख सकें और दूसरों के प्रति अपना व्यवहार और रवैया बदलने की कोशिश कर सकें

9. आस्था की विरासत (Legacy of Faith)
बच्चों को ईश्वर के बारे में बताएं, उनके साथ प्रार्थना करें ताकि वे जीवन के कठिन से कठिन समय में भी आत्मिक संबल पा सकें। उन्हें यह भी समझाएं कि माता-पिता सीमित हैं लेकिन ईश्वर असीम हैं।

10. आत्मविश्वास (Confidence)
बच्चों में आत्म-विश्वास भरें, उन्हें उनके उद्देश्य और सामर्थ्य का बोध कराएं। उन्हें सिखाएं कि वे विपरीत परिस्थितियों में भी डटकर खड़े रहें।

11. मूल्य और परंपराएं (Values and Tradition)
बच्चों को सच्चाई, मेहनत, ईमानदारी, पारिवारिक एकता जैसे मूल्यों और परंपराओं की शिक्षा दें ताकि वे इन्हें जीवनभर अपनाएं और आगे बढ़ाएं।

12. सहारा और नेटवर्क (Support System)
बच्चों को ऐसे मार्गदर्शक, अध्यात्मिक गुरु, शिक्षकों, पुस्तकों, समुदायों और क्लबों से परिचित कराएं जो उनके जीवन को समृद्ध करें। कुछ आशीर्वाद ऐसे लोगों से मिलते हैं जो हम नहीं होते।

याद रखें: हम सभी अपने पूर्वजों की विरासत हैं। अगर हम अच्छे इंसान हैं तो हमारे माता-पिता ने अच्छे बीज बोए होंगे। अब हमारी बारी है कि हम अगली पीढ़ी को सशक्त बनाएं।अपने बच्चों में दूसरों के प्रति सहानुभूति मदद करना व सामाजिक चेतना का भी बोध अवश्य कराये और ये प्रयास करें की आपके बच्चे सदा ही सच और ईमानदारी पुर्वक कार्य करते रहे,
सभी अभिभावकों को समर्पित

प्रवीण कुमार
(भागवत ग्रुप कारपोरेशन)