झरिया की सत्ता के लोग आउटसोर्सिंग ठेकेदार एक ही थाली के चट्टे बट्टे
पार्टनरशिप रहते आउटसोर्सिंग का विरोध और समर्थन साथ साथ नहीं हो सकता
झरिया । जो लोग पर्दे के पीछे से झरिया को जबरन खाली कराने में लगे हैं वहीं लोग आज झरिया के तीसरा की घटना के बाद दिखावा करने को घड़ियाली आंसू बहाकर लोगो को दिग्भ्रमित करने में लगे हैं। झरिया के सत्ता के लोग एवं आउटसोर्सिंग प्रबंधन दोनों एक ही थाली के चट्टे बट्टए है, जिसके चलते कुछ महीने में ये पता चलेगा कि ये शहर तथा गांव कभी झरिया में था । ये बाते झरिया की पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने रविवार को रघुकुल परिवार की ओर से जामाडोबा कालीमेला दामोदर नदी घाट पर आयोजित बन भोज सह मिलन समारोह में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि मेरे कार्यकाल में किसी की हिम्मत नहीं हुई कि झरिया में एक भी घर को जबरन खाली करा दे, लेकिन आज आउटसोर्सिंग के ठेकेदार झरिया के सत्ता पक्ष के संरक्षण में लोगो को गुंडों के बल पर जबरन भगाने का काम किया जा रहा है या फिर उसके आतंक से सभ्य लोग भागने को मजबूर हैं। उन्होंने धुर विरोधी पर झरिया के लोगों को दिग्भ्रमित कर छलने का काम करने तथा दिखावे का आंदोलन करने का आरोप लगाते हुए कही कि एक ही घर से चार लोग विधानसभा के सदस्य बने इसके बाद भी झरिया की स्थिति क्या है ये किसी से छुपा नहीं है। आज इनके कार्यकाल में इसके संरक्षण के कारण इसके भाई का आउटसोर्सिंग पार्टनर झरिया में आतंक फैलाने में लगा है। आज झरिया की स्थिति यह है कि गुंडे कर्मचारी को पीट रहे है,और तो और थाने में घुसकर पुलिस वाले को भी पीट रहे है, रोड एक्सीडेंट बढ़ गया है, लोग घर से बेघर हो रहे हैं। इन सब बातों से उन्हें कोई लेना देना नहीं है। झरिया के तीसरा घटना के बारे में कहा कि इनके संरक्षण के बलबूते आउटसोर्सिंग के गुंडों का इतना मनोबल बढ़ गया है कि वे खुलेआम बीसीसीएल के अधिकारियों और कर्मचारियों को दौड़ा दौड़ा कर पीटते है। भयभीत अधिकारी शिकायत करने से डर रहे है। मामले में इनकी पोलपट्टी खुल न जाए इसके चलते आउटसोर्सिंग परियोजना को बंद कराया गया, लेकिन बिना नतीजा के उसी परियोजना को चालू भी कर दिया गया। उन्होंने अपने विरोधी को कहा कि वे गिरगिट की तरह रंग बदलना छोड़कर ईमानदारी से अगर लोगो के लिए काम करना है तो वे पहले अपने भाई को आउटसोर्सिंग से पार्टनरशिप से हटाए, क्योंकि आउटसोर्सिंग का समर्थन और विरोध दोनों एक साथ नहीं चल सकती है। डिगवाडीह में निर्मित की जा रही अस्पताल के चालू होने के बारे में कही कि अस्पताल को व्यवस्था के साथ चालू कराने में वे लगी हुई है। जल्द ही विस्थापन को लेकर झरिया के लोगों को एक खुश खबरी मिलेगी, लेकिन ये बातें हम मीडिया को नहीं बताएंगे।क्योंकि उनके विरोधी पढ़े लिखे तो है नहीं, बस आपके माध्यम से कॉपी कर अधिकारियों के पास काम कराने पहुंच जाएंगे। उन्होंने झरिया के लोगों से कहा कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है, वे संघर्ष करें वे और उनका रघुकुल परिवार ईमानदारी से उसके साथ खड़ा मिलेगा। मौके पर बच्चा गुट के महामंत्री अभिषेक सिंह, हर्ष सिंह, आदर्श सिंह, उमाशंकर शाही, मल्लू सिंह, सुबोध सिंह, आफताब आलम, मुख्तार खान, मुन्ना सिंह आदि थे।
संवाददाता —== शमीम हुसैन
मुख्य संपादक — अरुण कुमार











