जेल से चलेगी दिल्ली सरकार ??
जैसा की आशंका और कयास लगाई जा रही थी ठीक वैसा ही हुआ तो किया जेल के अंदर से ही अरविंद केजरीवाल दिल्ली की सरकार चलायेंगे। ऐसा दावा शिक्षा मंत्री आतिशी ने भी किया है। उन्होंने कहा हैँ कि ”अरविंद केजरीवाल ” जेल से ही सरकार को चलायेंगे। और वे दिल्ली के मुख्यमंत्री बने रहेंगे।जबकि हमने सुप्रीम कोर्ट में मामला दायर किया है। हमारे वकील सुप्रीम कोर्ट पहुंच रहे हैं। हम आज रात सुप्रीम कोर्ट से तत्काल सुनवाई की मांग करेंगे।” वहीं, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने कहा हैँ कि अगर मुख्यमंत्री केजरीवाल की गिरफ्तारी हो भी जाती है तो जेल से सरकार चलाई जायेगी और मुख्यमंत्री अपना इस्तीफा नहीं देंगे।
वहीँ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुये लिखा हैँ कि भाजपा की राजनीतिक टीम यानी ईडी केजरीवाल की सोच को कभी कैद नहीं कर सकती है। आम आदमी पार्टी ही भाजपा को रोक सकती है। आप सोच को कभी नहीं दबा सकते। यह खबर भी खूब वायरल हो रही है कि ऐसा संभवत पहली बार हुआ है, जब कोई मुख्यमंत्री रहते हुए कस्टडी में आ गये और जेल जाना लगभग तय हो गया हैँ और अरविन्द केजरीवाल जेल भी जा चुके हैँ चुकि ईडी ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया हैँ जबकि ई डी की टीम अरविंद केजरीवाल को PMLA कोर्ट में हाजिर करेगी। पूरी दिल्ली में सुरक्षा तगड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ड्रोन से पूरी निगरानी कर रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री आवास के आसपास ड्रोन से कड़ी निगरानी की जा रही है। इससे पहले ई डी ने 10वां समन जारी किया। इसके बाद ई डी की टीम दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पहुंची। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्यमंत्री केजरीवाल के घर के आसपास धारा 144 लागू कर दिया गया हैँ और बड़े तादाद में आप के नेता और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के आसपास मौजूद हैं। मीडिया का हुजूम भी वहां पहुंच गया है। गिरफ्तार अरविंद केजरीवाल से फिलहाल किसी को मिलने नहीं दिया जा रहा है।
आखिर शराब घोटाला है क्या?
दिल्ली के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को पहले ही से जेल में बंद हैं। 17 नवंबर 2021 को दिल्ली सरकार ने राज्य में नई शराब नीति लागू की। इसके तहत राजधानी में 32 जोन बनाये गये और हर जोन में ज्यादा से ज्यादा 27 दुकानें खुलनी थीं। इस तरह से कुल मिलाकर 849 दुकानें खुलनी थीं। नई शराब नीति में दिल्ली की सभी शराब की दुकानों को प्राइवेट कर दिया गया। इसके पहले दिल्ली में शराब की 60 प्रतिशत दुकानें सरकारी और 40 प्रतिशत प्राइवेट थीं। नई नीति लागू होने के बाद 100 प्रतिशत प्राइवेट हो गईं। सरकार ने तर्क दिया था कि इससे 3,500 करोड़ रुपये का फायदा होगा। सरकार ने लाइसेंस की फीस भी कई गुना बढ़ा दी। जिस एल-1 लाइसेंस के लिए पहले ठेकेदारों को 25 लाख देना पड़ता था, नई शराब नीति लागू होने के बाद उसके लिए ठेकेदारों को पांच करोड़ रुपये चुकाने पड़े। इसी तरह अन्य कैटेगिरी में भी लाइसेंस की फीस में काफी इजाफा हुआ।
बड़े कारोबारियों को लाभ पहुंचाने का इल्जाम
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लाइसेंस शुल्क तय कर सरकार ने कई तरह की कैटेगिरी बनाई है। इसके तहत शराब, बीयर, विदेशी शराब आदि को बेचने के लिए लाइसेंस दिया जाता है। अब उदाहरण के लिए पहले जिस लाइसेंस के लिए ठेकेदार को 25 लाख रुपये का भुगतान करना पड़ता था, नई शराब नीति लागू होने के बाद उसी के लिए पांच करोड़ रुपये देने पड़े। इल्जाम है कि दिल्ली सरकार ने जानबूझकर बड़े शराब कारोबारियों को फायदा पहुंचाने के लिए लाइसेंस शुल्क बढ़ाया। इससे छोटे ठेकेदारों की दुकानें बंद हो गईं और बाजार में केवल बड़े शराब माफियाओं को लाइसेंस मिला। विपक्ष का इल्जाम यह भी है कि इसके एवज में आप के नेताओं और अफसरों को शराब माफियाओं ने मोटी रकम घूस के तौर पर दी। वहीं, सरकार का दावा है कि यह फायदे का सौदा है। सरकार का तर्क है कि लाइसेंस फीस बढ़ाने से सरकार को एकमुश्त राजस्व की कमाई हुई। इससे सरकार ने जो उत्पाद शुल्क और वैट घटाया उसकी भरपाई हो गई।
राजस्व में भारी कमी होने का इल्जाम
दूसरा इल्जाम शराब की बिक्री को लेकर है। दावा है कि नई शराब नीति में वही 750 एमएल वाली शराब की बोतल का दाम 530 रुपये से बढ़कर 560 रुपये हो गई। वहीं, रिटेल कारोबारी का मुनाफा भी 33.35 रुपये से बढ़कर सीधे 363.27 रुपये पहुंच गया। मतलब रिटेल कारोबारियों का फायदा 10 गुना से भी ज्यादा बढ़ गया। वहीं, सरकार को मिलने वाला 329.89 रुपये का फायदा घटकर तीन रुपये 78 पैसे रह गया। इसमें 1.88 रुपये उत्पाद शुल्क और 1.90 रुपये वैट शामिल है।
घोटाले की जांच कैसे शुरू हुई?
शराब नीति के कार्यान्वयन में कथित अनियमितता की शिकायतें आने के बाद उपराज्यपाल ने CBI जांच की सिफारिश की। इसके साथ ही दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 सवालों के घेरे में आ गई। हालांकि, नई शराब नीति को बाद में इसे बनाने और इसके कार्यान्वयन में अनियमितताओं के आरोपों के बीच रद्द कर दिया गया था। CBI ने साल 2022 के अगस्त माह में 15 अभियुक्तों के खिलाफ केस दर्ज किये गये। बाद में ई डी की टीम ने PMLA के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले की जांच शुरू कर दी। CBI और ई डी अलग-अलग जांच कर रही है।मीडिया जगत के बड़े घराने में छपी खबर के अनुसार, शराब नीति घोटाले के मामले में ई डी पहले अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, और आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पर पहले छापेमारी फिर तलाशी और बाद में गिरफ्तारी की गई। इस मामले में के. कविता, संजय सिंह, मनीष सिसोदिया, दिनेश अरोड़ा, अमन ढाल, राजेश जोशी, अरूण पिल्लई, राघव मंगुटा, विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली, समीर महेंद्रू, गौतम मल्होत्रा, अमित अरोड़ा, बिनोय बाबू एवं पी सरथ चंद्रा को गिरफ्तार किया जा चुका है और आगे भी गिरफ़्तारी और हो इससे इंकार नहीं किया जा सकता हैँ
अरुण कुमार ( मुख्य संपादक )












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