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RSS, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तपस्या के 100 वर्षो की विजयगाथा

RSS स्वयंसेवक संघ यात्रा के 100 वर्ष पुरे होने पर लगभग पुरे भारतवर्ष में सभी घरों में समरसता, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण, कुटुंब प्रबोधन व मेक इन इंडिया के तहत स्वदेशी अभियान के तहत सभी घरों के परिवारों को एक सूत्र में जोड़ने को लेकर प्रोत्साहित किया जा रहा हैँ जिसके तहत आज झरिया क्षेत्र के विभिन्न मुहल्लों में RSS की टीमों के द्वारा हर घर पुस्तक देकर संघ की 100 वर्षो की उपलब्धियों का प्रचार व प्रसार किया जा रहा हैँ वहीँ RSS आज पुरे भारत के किसी भी परिवार के लिए अछूता नहीं हैँ जिसकी बानगी गाहे बगाहे अक्सर दिखाई देती रहती हैँ राष्ट्रस्वयंसेवक संघ की विचारधारा के प्रति आज लगभग सभी भारतीय एक शुद्धता का बोध अपने मन में लेकर चलते हैँ यही इसकी विश्ववशनियता को दर्शाती भी हैँ और साथ ही साथ हर भारतीय के मन में एक आशा की नई किरण का भी आगमन कराती हैँ ऐसी हैँ RSS की 100 वर्षो की तपस्या की विजयगाथा

मुख्य संपादक —- अरुण कुमार