*या अली-या हुसैन के नारों से गूंजा कोयलांचल, बरारी कर्बला पहुंचा ताजिया जुलूस, छाया शोक व भाईचारे का माहौल*
झरिया : मुहर्रम के अवसर पर झरिया कोयलांचल क्षेत्र ‘या अली’ और ‘या हुसैन’ के नारों से गूंज उठा। शोक, जज्बात और धार्मिक उत्साह के साथ मनाए गए इस पर्व पर क्षेत्रवासियों ने बड़े पैमाने पर हिस्सा लिया। जोरापोखर थाना क्षेत्र अंतर्गत जियलगोरा स्थित बरारी चहार मोहल कर्बला कब्रिस्तान कमिटी द्वारा बरारी कर्बला पर व्यापक प्रबंध किए गए थे। कमिटी ने रोजेदारों व मातमियों के लिए शरबत की खास व्यवस्था की। कर्बला को रंग-बिरंगी रोशनियों से सजाया गया, जो बेहद आकर्षक और दिलकश नजर आ रहा था। मुहर्रम की दसवीं तारीख यानी आशूरा के दिन जियलगोरा स्थित बरारी कर्बला में क्षेत्र के बरारी, जियलगोरा, शालीमार, फुसबंगला, भागा, लोदना, डिगवाडीह, जामाडोबा, बनियाहीर समेत आसपास के कई मुहल्लों से ताजिए के साथ जुलूस में बड़ी संख्या में मातमी शामिल होकर पहुंचे और पारंपरिक अंदाज में मातम, नोहा-ख्वानी व मरसिया पेश किए गए। जोरापोखर थाना प्रभारी उदय गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सुरक्षा के मजबूत इंतजामों की वजह से पूरे क्षेत्र में कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। पूरे इलाके में अमन, भाईचारा और सौहार्द का माहौल छाया रहा। वही बरारी कर्बला के पास समाजसेवी हसीना खातून ने अपनी खिदमत का नमूना पेश किया। उन्होंने रोजेदारों के लिए खिचड़ा और खजूर की व्यवस्था की। हसीना खातून ने कहा मुहर्रम शोक और भाईचारे का त्यौहार है, जिसमें सभी मुस्लिम भाई-बहन एक-दूसरे का एहतराम करते हैं। मौके पर वार्ड 42 के पार्षद मुनिलाल रविदास उपस्थित हुए। चहार मोहाल कर्बला कब्रिस्तान कमिटी की तरफ से मो दारा अंसारी, मो वसीम, फरीद मास्टर, मो आफताब, मो आजाद, मो आलम, शमशाद हुसैन, महफूज हुसैन, आलम अंसारी, शाहिल हुसैन, सोनू, असगर आदि सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संवाददाता – शाहिल हुसैन
मुख्य संपादक — अरुण कुमार












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