रविवार को धनबाद मंडल जेल में कुख्यात अपराधी अमन सिंह की हत्या मामले को झारखंड हाईकोर्ट ने संज्ञान में लिया है। आज हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा की खंडपीठ ने सरकार से जानना चाहा है कि आखिर जेल के भीतर हथियार कैसे पहुंच गया। जेल की सुरक्षा में चूक की वजह क्या है। अदालत ने मंगलवार को जेल आईजी को कोर्ट में उपस्थित होने को कहा है। जेल आईजी को वर्चुअल मोड में हाजिर होने को कहा है।
सरकार कर रही घटना की समीक्षा
आज हुई सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन एवं अधिवक्ता पियूष चित्रेश ने पक्ष रखा। अदालत को बताया गया है कि इस घटना की सरकार समीक्षा कर रही है। राज्य के पुलिस के आला अधिकारी मौके पर हैं और इस घटना पर जानकारी जुटा रहे हैं। घटनास्थल का जेल आईजी निरीक्षण कर रहे हैं। वे इसकी रिपोर्ट सौंपेंगे।
रविवार की दोपहर गोली मार कर हत्या
रविवार की दोपहर लगभग ढ़ाई बजे धनबाद मंडल जेल में गोलीबारी की घटना हुई। जिसमें धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर और कांग्रेस नेता नीरज सिंह हत्या मामले में लंबे समय से जेल में बंद कुख्यात अपराधी अमन सिंह की हत्या गोली मार कर दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही धनबाद डीसी वरुण रंजन, एसएसपी संजीव कुमार सहित तमाम आला अधिकारी मंडल कारा पहुंचे और देर रात पड़ताल करते रहे।
अमन सिंह का पोस्टमॉर्टम हुआ
रविवार को अमन सिंह के शव को धनबाद मेडिकल कॉलेज में रखा गया था। उत्तर प्रदेश से आज अमन सिंह के बड़े भाई अजय सिंह और पिता उदय भवन सिंह धनबाद पहुंचे। जिसके बाद अमन सिंह का पोस्टमार्टम हुआ। बॉडी परिजनों को सौंप दी गई है। जबकि अमन सिंह का सामान प्रशासन ने जब्त कर रखा है। उसे परिजनों को नहीं दिया गया है।
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